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सन्दीप सिंह जादौन की कविताएं
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ये भी तो सही है
February 18, 2018
होगा गुमान तुझे खुद पर बोहत 'संदीप' तो बना रहे, एक सुबह तुझको राख में ढूढेंगे ये लोग और पानी में बहा देंगे, और कहेंगे कुछ दिन तक आंखों में नमी सी है। तेरे वजूद की हस्ती भी वैसे बस ...
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